NPCI से बैंक अकाउंट लिंक कैसे करें? (UPI, आधार, मोबाइल) – 2025 हिंदी गाइड

NPCI क्या है?

NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) भारत सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा स्थापित एक संस्था है, जिसे 2008 में शुरू किया गया।

NPCI से बैंक अकाउंट लिंक कैसे करें? (UPI, आधार, मोबाइल) – 2025 हिंदी गाइड


इसका मुख्य काम है – भारत में डिजिटल पेमेंट्स को सुरक्षित, आसान और एकीकृत (Integrated) बनाना।

NPCI के ज़रिए ही हमें आज UPI, RuPay Card, AePS, NETC Fastag, Bharat Bill Payment System (BBPS) जैसी सुविधाएँ मिलती हैं।

NPCI का उद्देश्य

डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना।

नकदी (Cash) पर निर्भरता कम करना।

ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बैंकिंग को आसान बनाना।

एक सुरक्षित और भरोसेमंद पेमेंट सिस्टम तैयार करना।

 NPCI की मुख्य सेवाएँ

यहाँ NPCI की कुछ प्रमुख सेवाओं की लिस्ट है:

1. UPI (Unified Payments Interface) – मोबाइल से तत्काल बैंक-टू-बैंक ट्रांसफर।

2. IMPS (Immediate Payment Service) – 24×7 फंड ट्रांसफर।

3. RuPay Card – भारत का अपना डेबिट/क्रेडिट कार्ड नेटवर्क।

4. AePS (Aadhaar Enabled Payment System) – आधार नंबर से कैश निकासी व ट्रांसफर।

5. BHIM App – UPI आधारित पेमेंट ऐप।

6. BBPS (Bharat Bill Payment System) – बिजली, पानी, मोबाइल रिचार्ज जैसी बिल पेमेंट।

7. NETC FASTag – टोल टैक्स का ऑटोमेटिक डिजिटल भुगतान।

8. NACH (National Automated Clearing House) – EMI, Salary, Subsidy जैसे Bulk पेमेंट।

NPCI से लोगों को क्या फायदे हैं?

मोबाइल से 1 मिनट में पेमेंट ट्रांसफर।

ATM या बैंक जाने की ज़रूरत नहीं।

आधार और मोबाइल से ही बैंकिंग सुविधा।

भारतीय अपना खुद का कार्ड (RuPay) इस्तेमाल कर सकते हैं।

सरकारी योजनाओं की सब्सिडी, DBT (Direct Benefit Transfer) भी NPCI के ज़रिए सीधे खाते में आती है।

‍ NPCI का मालिक कौन है?

इसे भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और भारतीय बैंक संघ (IBA) ने मिलकर बनाया है।

इसमें भारत के कई बड़े सरकारी और प्राइवेट बैंक हिस्सेदार हैं।

 आसान शब्दों में कहें तो,
NPCI भारत का “Digital Payment Backbone” है, जो हमारे बैंक अकाउंट, UPI, RuPay और आधार को जोड़कर कैशलेस इंडिया बनाने में मदद कर रहा है।

NPCI क्या है और इसकी मुख्य सेवाएँ – 2025 हिंदी गाइड

परिचय: NPCI क्या है?

भारत में डिजिटल पेमेंट सिस्टम को सुरक्षित, सरल और एकीकृत बनाने के लिए NPCI (National Payments Corporation of India) की स्थापना हुई थी।
आज अगर हम UPI, RuPay Card, FASTag, AePS, BHIM App जैसी सेवाओं का इस्तेमाल कर पा रहे हैं, तो उसके पीछे NPCI की ही तकनीक और मैनेजमेंट है।

NPCI की शुरुआत 2008 में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और भारतीय बैंक संघ (IBA) ने मिलकर की थी।
इसका मक़सद था:

लोगों को बैंकिंग और पेमेंट्स को कैशलेस और आसान बनाना

पेमेंट सिस्टम को सुरक्षित और भरोसेमंद रखना

भारत को डिजिटल इंडिया बनाने में मदद करना

NPCI का इतिहास और उद्देश्य

स्थापना: 2008

मुख्यालय: मुंबई, महाराष्ट्र

नियामक: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और भारतीय बैंक संघ (IBA)

मालिकाना: कई सरकारी और निजी बैंकों की साझेदारी

उद्देश्य:

1. डिजिटल पेमेंट सिस्टम को बढ़ावा देना

2. नकदी (Cash) पर निर्भरता कम करना

3. शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएँ उपलब्ध कराना

4. तेज़, सुरक्षित और कम-खर्च वाले पेमेंट सिस्टम बनाना

5. सरकारी योजनाओं (DBT, सब्सिडी) को सीधे बैंक खातों में पहुँचाना

3. NPCI की मुख्य सेवाएँ (एक-एक करके विस्तार से)

3.1 UPI (Unified Payments Interface)

UPI क्या है?
UPI एक ऐसा सिस्टम है जो हमें मोबाइल के ज़रिए तुरंत बैंक-टू-बैंक ट्रांसफर की सुविधा देता है।
यह 24×7 चलता है और QR Code, UPI ID, या मोबाइल नंबर से पेमेंट करना संभव बनाता है।

(1)UPI सेटअप कैसे करें? (स्टेप-बाय-स्टेप)

UPI (Unified Payments Interface) एक तेज़, सुरक्षित और 24×7 काम करने वाला पेमेंट सिस्टम है जिससे आप बैंक-टू-बैंक ट्रांसफर, बिल पेमेंट और मोबाइल रिचार्ज कुछ ही क्लिक में कर सकते हैं। नीचे दिए गए सरल स्टेप्स को फॉलो करके आप आसानी से UPI सेटअप कर सकते हैं —

ज़रूरी पहले से तैयार चीज़ें

वही मोबाइल नंबर जो आपके बैंक खाते में रजिस्टर्ड हो।

आपका डेबिट/एटीएम कार्ड (UPI PIN सेट/रीसेट के लिए आवश्यक)।

इंटरनेट कनेक्शन और आधारिक KYC बैंक में पहले से पूरा होना चाहिए।

स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

1. UPI ऐप चुनें: BHIM, Google Pay, PhonePe, Paytm आदि में से कोई भी भरोसेमंद ऐप इंस्टॉल करें।

2. ऐप खोलकर नंबर सत्यापित करें: ऐप ओपन करें और अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर OTP से वेरिफाई करें — ध्यान रहे यह वही नंबर होना चाहिए जो बैंक में रजिस्टर्ड है।

3. बैंक अकाउंट लिंक करें: ऐप में “बैंक अकाउंट जोड़ें” या “Add Bank Account” ऑप्शन चुनें और अपनी बैंक सूची में से अपना बैंक सिलेक्ट करें।

4. VPA/UPI ID बनाएं: ऐप आमतौर पर आपके नाम से एक UPI ID सुझाता है (जैसे: naam@upi). आप कस्टम VPA भी चुन सकते हैं।

5. UPI PIN सेट करें: बैंक अकाउंट सिलेक्ट कर “Set UPI PIN” पर जाएँ — इसमें अक्सर आपके डेबिट कार्ड के आख़िरी 6 अंक और एक्सपायरी डेट डालकर OTP वेरिफिकेशन के बाद नया 4/6 अंकीय UPI PIN सेट कर सकेंगे।

6. पहला टेस्ट ट्रांज़ैक्शन करें: ₹1–₹10 का छोटा पैमेंट करके चेक करें कि सब सही काम कर रहा है।

7. नोटिफिकेशन और सेटिंग्स जाँचें: ट्रांज़ैक्शन नोटिफिकेशन चालू रखें और ट्रांज़ैक्शन-लिमिट देखें।

सुरक्षा टिप्स (बहुत ज़रूरी)

अपना UPI PIN या बैंक OTP किसी के साथ कभी साझा न करें।

किसी भी लिंक पर क्लिक करके OTP न दें; फ़िशिंग से सावधान रहें।

ऐप-लॉक, फोन-पासकोड और OS अपडेट रखें।

अनजान लाभ/गिफ्ट-अवसर वाले संदेशों पर भरोसा न करें।

हर व्यक्ति बिना किसी अन्य ऐप की ज़रूरत के सीधे बैंक से पेमेंट कर सकता है।

Troubleshoot (आम समस्याएँ)

अगर मोबाइल नंबर बैंक में लिंक नहीं है → बैंक में जाकर मोबाइल अपडेट कराएँ (KYC)।

OTP नहीं आ रहा → नेटवर्क/सीम सेवा और SMS रिपीट विकल्प चेक करें।

बैंक सूची में आपका बैंक नहीं दिखे → अलग UPI ऐप या बैंक की ओर संपर्क करें।👉

💲(2)पेमेंट कैसे करें? (UPI से स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)

UPI से पेमेंट करना बेहद आसान और सुरक्षित है। एक बार जब आपका बैंक अकाउंट UPI ऐप (जैसे PhonePe, Google Pay, Paytm, BHIM आदि) से लिंक हो जाता है, तब आप कुछ ही सेकंड में पैसे भेज या प्राप्त कर सकते हैं। नीचे पूरा प्रोसेस दिया गया है:

पेमेंट करने का तरीका

1. UPI ऐप खोलें
अपने मोबाइल में इंस्टॉल किया हुआ UPI ऐप (PhonePe, GPay आदि) ओपन करें।

2. पेमेंट विकल्प चुनें

UPI ID या मोबाइल नंबर से भेजें → जिसे पैसे भेजने हैं, उसका UPI ID (जैसे abc@upi) या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालें।

QR कोड स्कैन करें → दुकानदार या रिसीवर के QR कोड को स्कैन करें।

3. राशि दर्ज करें
जितने पैसे भेजने हैं, वह अमाउंट डालें और चाहें तो “Remark” या “Notes” में लिखें (जैसे – Recharge, Shopping आदि)।

4. UPI PIN डालें
ट्रांज़ैक्शन को कन्फ़र्म करने के लिए अपना 4 या 6 अंकों वाला UPI PIN दर्ज करें।

5. पेमेंट सफल होगा
कुछ ही सेकंड में आपको पेमेंट सफल होने का मैसेज मिलेगा और SMS/Notification भी आएगा।

पेमेंट प्राप्त करने का तरीका

1. ऐप में ‘Collect Request’ या ‘Request Money’ विकल्प चुनें।

2. पैसे मांगने वाले व्यक्ति का UPI ID/मोबाइल नंबर डालें और राशि भरें।

3. सामने वाला जब अपनी ऐप से रिक्वेस्ट अप्रूव करेगा और PIN डालेगा, तब आपके खाते में पैसे तुरंत आ जाएँगे।

महत्वपूर्ण टिप्स (AdSense-Friendly & User Value बढ़ाने के लिए)

हमेशा पैसे भेजने से पहले रिसीवर का नाम जाँच लें।

UPI PIN सिर्फ पैसे भेजने पर लगता है, पैसे आने पर कभी PIN नहीं माँगा जाता।

पेमेंट फेल होने पर चिंता न करें, राशि 2–3 कार्यदिवस में वापस आपके बैंक खाते में लौट आती है। 👉


(3) NPCI की मुख्य सेवाएँ (2025 हिंदी गाइड)

NPCI (National Payments Corporation of India) भारत की सबसे महत्वपूर्ण संस्था है जिसने डिजिटल पेमेंट को आसान, तेज़ और सुरक्षित बनाया है। यह संस्था विभिन्न बैंक और फिनटेक कंपनियों के लिए पेमेंट सिस्टम का विकास और प्रबंधन करती है। आइए जानते हैं NPCI की प्रमुख सेवाओं के बारे में:

1. UPI (Unified Payments Interface)

भारत की सबसे लोकप्रिय डिजिटल पेमेंट सेवा।

मोबाइल से 24×7 बैंक-टू-बैंक ट्रांज़ैक्शन।

QR Code, UPI ID और मोबाइल नंबर से पेमेंट संभव।

छोटे दुकानदार से लेकर बड़े व्यवसाय तक सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाली सुविधा।

2. RuPay Card

भारत का घरेलू कार्ड नेटवर्क, जो Visa और MasterCard का विकल्प है।

डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और प्रीपेड कार्ड की सुविधा।

कम ट्रांज़ैक्शन चार्ज और हर ATM/PoS पर उपलब्ध।

सरकार की योजनाओं (जैसे जनधन खाता) में भी RuPay कार्ड का उपयोग होता है।

3. IMPS (Immediate Payment Service)

24×7 रियल-टाइम बैंक ट्रांसफर सेवा।

नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग या ATM से तुरंत पैसे भेजने और प्राप्त करने की सुविधा।

छुट्टियों और रात में भी काम करता है।

4. BHIM App (Bharat Interface for Money)

NPCI द्वारा लॉन्च किया गया आधिकारिक UPI ऐप।

सरल इंटरफ़ेस, हिंदी सहित 20+ भाषाओं में उपलब्ध।

5. AePS (Aadhaar Enabled Payment System)

आधार नंबर और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के ज़रिए बैंकिंग सेवा।

ग्रामीण और दूरदराज़ इलाकों में लोगों के लिए बेहद उपयोगी।

मिनी ATM के ज़रिए कैश निकालना, बैलेंस चेक और फंड ट्रांसफर संभव।

6. NACH (National Automated Clearing House)

बल्क पेमेंट और ऑटो-डेबिट के लिए।

EMI, सब्सक्रिप्शन, म्यूचुअल फंड SIP, बिजली-पानी बिल जैसे पेमेंट ऑटोमैटिकली डेबिट हो जाते हैं।

7. NETC (National Electronic Toll Collection – FASTag)

टोल टैक्स के लिए कैशलेस पेमेंट।

गाड़ियों में FASTag लगाकर बिना रुके टोल भुगतान।

समय और ईंधन की बचत।

8. BBPS (Bharat Bill Payment System)

एकीकृत बिल पेमेंट प्लेटफ़ॉर्म।

बिजली, पानी, गैस, मोबाइल, DTH और लोन की EMI का बिल भुगतान एक ही ऐप/प्लेटफ़ॉर्म से।

9. CTS (Cheque Truncation System)

डिजिटल चेक क्लीयरिंग सिस्टम।

बैंक में चेक फिजिकल रूप से न जाकर स्कैनिंग से क्लीयर होते हैं।

समय और मेहनत की बचत।

—👉

✅ इन सेवाओं की वजह से आज भारत कैशलेस इकोनॉमी की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है और हर नागरिक डिजिटल पेमेंट का लाभ आसानी से उठा पा रहा है।👉


(1) IMPS (Immediate Payment Service)

IMPS क्या है?
IMPS यानी Immediate Payment Service एक ऐसा पेमेंट सिस्टम है जिसके जरिए आप किसी भी समय (24×7) तुरंत बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। यह UPI आने से पहले भारत का सबसे तेज़ डिजिटल पेमेंट सिस्टम था और आज भी लोग इसे नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग में इस्तेमाल करते हैं।

IMPS से पेमेंट कैसे करें? (स्टेप-बाय-स्टेप)

1. अपने बैंक की Net Banking / Mobile Banking ऐप खोलें।

2. “Fund Transfer” सेक्शन पर जाएं → “IMPS” विकल्प चुनें।

3. अगर नया लाभार्थी (Beneficiary) जोड़ना है तो:

Add Beneficiary → नाम, बैंक अकाउंट नंबर और IFSC Code डालें।

OTP से वेरिफाई करें।

4. अब Beneficiary चुनें → राशि दर्ज करें।

5. Remark/Notes डालें → “Submit” करें।

6. OTP/Transaction PIN डालें → पेमेंट पूरा हो जाएगा।

7. Transaction ID या UTR Number नोट कर लें।

❌ क्या गलतियाँ नहीं करनी चाहिए?

गलत अकाउंट नंबर या IFSC डालना → पैसा गलत खाते में चला जाएगा।

OTP/Transaction Password किसी को शेयर करना।

पब्लिक WiFi/साइबर कैफ़े से बैंकिंग करना।

⚠️ अगर पेमेंट फेल हो जाए तो?

पैसा कट गया पर रिसीवर को नहीं पहुँचा → Transaction ID के साथ बैंक को सूचित करें।

24–48 घंटे में बैंक reconciliation करके पैसा वापस कर देता है।

(2) RuPay Card

RuPay Card क्या है?
RuPay भारत का अपना Debit और Credit Card नेटवर्क है जिसे NPCI ने 2012 में लॉन्च किया था। Visa और MasterCard की तरह RuPay भी POS मशीन, ATM और Online पेमेंट में इस्तेमाल होता है।

RuPay Card कैसे इस्तेमाल करें?

1. बैंक से RuPay Debit/Credit Card के लिए आवेदन करें।

2. कार्ड मिलने के बाद ATM पर जाकर PIN सेट करें।

3. अब आप इसे तीन तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं:

ATM से: Cash Withdraw, Balance Check, Mini Statement।

POS मशीन से: शॉपिंग करते समय कार्ड स्वाइप/इंसर्ट करें → PIN डालें।

Online पेमेंट में: कार्ड नंबर, Expiry Date, CVV डालें → OTP से वेरिफाई करें।

❌ क्या गलतियाँ नहीं करनी चाहिए?

किसी के साथ कार्ड डिटेल (CVV, Expiry, OTP) शेयर न करें।

फ़िशिंग वेबसाइट पर कार्ड डिटेल डालने से बचें।

कार्ड खो जाने पर तुरंत बैंक को ब्लॉक कराएँ।

⚠️ अगर कार्ड खो जाए या फ़्रॉड हो जाए तो?

तुरंत बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल करके कार्ड ब्लॉक करें।

नई कार्ड री-इश्यू करवाएँ।

Unauthorized Transaction पर तुरंत शिकायत दर्ज करें।

(3) AePS (Aadhaar Enabled Payment System)

AePS क्या है?
AePS का मतलब है Aadhaar Enabled Payment System।
यह सेवा खासतौर पर ग्रामीण इलाकों और छोटे कस्बों के लिए बनाई गई है जहाँ बैंक की शाखाएँ कम हैं।
इससे कोई भी व्यक्ति सिर्फ अपने आधार नंबर और फिंगरप्रिंट से बैंकिंग सेवाएँ ले सकता है।

AePS से लेनदेन कैसे करें? (स्टेप-बाय-स्टेप)

1. सबसे पहले आपका आधार आपके बैंक खाते से लिंक होना चाहिए।

2. पास के Bank Mitra (BC) या Micro-ATM पर जाएँ।

3. BC को बताइए कि आपको कौन-सी सेवा चाहिए:

Cash Withdrawal

Balance Inquiry

Mini Statement

Fund Transfer

4. BC आपके आधार नंबर और बैंक का नाम डालेगा।

5. आप biometric scanner पर अपनी उंगली (Fingerprint) लगाएँ।

6. Transaction पूरा होने पर आपको Cash या रसीद मिल जाएगी।

❌ क्या गलतियाँ नहीं करनी चाहिए?

किसी अनजान BC को आधार और बायोमेट्रिक न दें।

हमेशा Authorized CSP/Micro ATM पर ही जाएँ।

बिना रसीद के Cash न लें।

⚠️ अगर समस्या आ जाए तो?

Transaction Fail दिखे लेकिन Cash मिल गया → तुरंत BC और बैंक को बताएं।

Transaction Fail और Cash भी नहीं मिला → Transaction ID से बैंक में शिकायत करें।

👉Next: NPCI की अन्य प्रमुख सेवाएँ 👈

(4) BHIM App (Bharat Interface for Money)

BHIM क्या है?
BHIM (Bharat Interface for Money) NPCI द्वारा लॉन्च किया गया भारत सरकार का आधिकारिक UPI ऐप है। यह ऐप सबसे सरल और सुरक्षित UPI पेमेंट प्लेटफ़ॉर्म माना जाता है।

BHIM App कैसे सेटअप करें? (स्टेप-बाय-स्टेप)

1. Google Play Store या iOS App Store से BHIM App इंस्टॉल करें।

2. ऐप खोलें और उस मोबाइल नंबर से रजिस्टर करें जो आपके बैंक खाते से लिंक है।

3. पासकोड (App Lock) सेट करें।

4. “Add Bank Account” चुनें → अपना बैंक चुनें → OTP से वेरिफाई करें।

5. UPI PIN सेट करें (डेबिट कार्ड डिटेल + OTP से)।

6. अब आप BHIM से पैसे भेजने और लेने के लिए तैयार हैं।

✅ पैसे कैसे भेजें?

“Send Money” चुनें → UPI ID/QR Code/मोबाइल नंबर डालें → Amount डालें → UPI PIN → Done।

✅ पैसे कैसे रिसीव करें?

“Request Money” चुनें → UPI ID डालें → Amount और Remark डालें → Request भेजें।

या फिर अपना BHIM QR Code शेयर करें।

❌ क्या नहीं करना चाहिए?

UPI PIN या OTP किसी के साथ शेयर नहीं करें।

किसी भी फ़ेक BHIM Customer Care लिंक से सावधान रहें।

(5) BBPS (Bharat Bill Payment System)

BBPS क्या है?
BBPS एक इंटीग्रेटेड बिल पेमेंट सिस्टम है। इससे आप बिजली, पानी, गैस, मोबाइल रिचार्ज, DTH, बीमा प्रीमियम आदि का भुगतान एक ही जगह से कर सकते हैं।

BBPS से बिल पेमेंट कैसे करें? (स्टेप-बाय-स्टेप)

1. अपने बैंक ऐप या किसी BBPS सपोर्टेड ऐप (Paytm, PhonePe, Google Pay, BHIM आदि) खोलें।

2. “Bill Payment / BBPS” सेक्शन पर जाएँ।

3. अपनी सेवा (जैसे Electricity, Water, Mobile Recharge, DTH) चुनें।

4. Consumer Number/Account ID डालें।

5. “Fetch Bill” करें → राशि दिखेगी।

6. Payment Mode चुनें (UPI, Net Banking, Card आदि)।

7. Payment करें और Receipt/Transaction ID सेव करें।

❌ क्या नहीं करना चाहिए?

गलत Consumer Number/Account Number डालकर पेमेंट न करें।

बिना रसीद/Txn ID के पेमेंट को कन्फर्म न मानें।

⚠️ अगर पेमेंट फेल हो जाए तो?

Transaction ID के साथ बैंक या ऐप सपोर्ट में शिकायत करें।

BBPS में 24-48 घंटे में reconciliation होकर पैसा वापस मिल जाता है।

(6) FASTag (NETC – National Electronic Toll Collection)

FASTag क्या है?
FASTag एक RFID टैग है जिसे वाहन की विंडशील्ड पर लगाया जाता है।
यह टोल प्लाज़ा पर ऑटोमैटिक स्कैन होकर आपके लिंक्ड वॉलेट/बैंक अकाउंट से टोल टैक्स काट लेता है।
FASTag सिस्टम को NPCI के NETC (National Electronic Toll Collection) नेटवर्क से चलाया जाता है।

FASTag कैसे लें और इस्तेमाल करें? (स्टेप-बाय-स्टेप)

1. FASTag किसी भी बैंक, Paytm, Amazon या अधिकृत एजेंसी से खरीदें।

2. RC Book और KYC डॉक्यूमेंट जमा करें।

3. FASTag को वाहन की विंडशील्ड पर सही जगह चिपकाएँ।

4. FASTag वॉलेट/बैंक अकाउंट को रिचार्ज करें।

5. टोल प्लाज़ा से गुजरते समय टैग स्कैन होगा और ऑटोमैटिक पेमेंट हो जाएगा।

❌ क्या नहीं करना चाहिए?

एक ही FASTag को दो गाड़ियों पर इस्तेमाल न करें।

टैग को गलत जगह चिपकाना → स्कैन नहीं होगा।

बैलेंस लो होने पर टोल पर परेशानी हो सकती है।

⚠️ अगर समस्या हो जाए तो?

टोल पर डबल चार्ज या गलत डेबिट हो गया → Transaction ID लेकर FASTag इश्यूअर बैंक/ऐप से शिकायत करें।

टैग खराब हो गया → नया टैग री-इश्यू कराएँ।

(7) NACH (National Automated Clearing House)

NACH क्या है?
NACH एक ऐसा सिस्टम है जिससे बड़े पैमाने पर पेमेंट्स (bulk payments) किए जाते हैं।
इसका इस्तेमाल सरकार, कंपनियाँ और बैंक करते हैं:

सैलरी

EMI/Loan Installments

पेंशन

सब्सिडी

Insurance Premium

NACH कैसे काम करता है? (स्टेप-बाय-स्टेप)

1. अगर आपको Loan EMI या Insurance Premium ऑटो-डेबिट चाहिए तो बैंक/कंपनी आपको NACH Mandate Form देती है।

2. आप Mandate पर Sign करते हैं (या e-Mandate के जरिए Net Banking/UPI से authorize करते हैं)।

3. आपके बैंक अकाउंट से तय तारीख पर तय राशि ऑटोमैटिक कट जाती है।

4. हर Transaction का रिकॉर्ड बैंक स्टेटमेंट में दिखता है।

क्या नहीं करना चाहिए?

बिना पढ़े किसी Mandate पर Sign न करें।

High Amount या No-Expiry Mandate को सोच-समझकर authorize करें।

⚠️ अगर Unauthorized Debit हो जाए तो?

तुरंत बैंक से संपर्क करें और Mandate को Cancel करवाएँ।

Disputed Transaction के लिए बैंक को लिखित शिकायत दें।

4. NPCI से होने वाले फायदे

1. ग्राहकों के लिए:

मोबाइल से तुरंत पेमेंट

कैशलेस लेनदेन

सरकारी सब्सिडी सीधे खाते में

कार्ड, ऐप और आधार से आसान बैंकिंग

2. बैंकों के लिए:

पेमेंट सिस्टम तेज़ और सुरक्षित

ट्रांज़ैक्शन कॉस्ट कम

डिजिटल ट्रांज़ैक्शन का बढ़ना

3. सरकार के लिए:

डिजिटल इंडिया का लक्ष्य पूरा करना

कैश पर निर्भरता कम करना

सब्सिडी/DBT बिना बिचौलिये सीधे लोगों तक पहुँचाना👍

UPI से बैंक अकाउंट कैसे लिंक करें? (Onboarding)

> लक्ष्य: आपका बैंक अकाउंट UPI ऐप (PhonePe/Google Pay/Paytm/आदि) से कनेक्ट हो जाए और UPI PIN सेट हो।

स्टेप-बाय-स्टेप

1. UPI ऐप इंस्टॉल/ओपन करें → मोबाइल नंबर वही हो जो बैंक में रजिस्टर्ड है।

2. ऐप परमिशन दें → “Add bank account” चुनें।

3. बैंक का नाम चुनते ही ऐप SMS से ऑटो-वेरीफ़ाई करेगा।

4. बैंक अकाउंट ऑटो-डिटेक्ट होगा → Proceed।

5. डेबिट कार्ड के आख़िरी 6 अंक + वैधता/OTP डालें (पहली बार PIN सेट करने हेतु)।

6. UPI PIN सेट/कन्फ़र्म करें।

7. “Manage Accounts” में अकाउंट दिखाई देगा; चाहें तो इसे Primary/Default बना दें।

नोट्स

एक नंबर पर कई बैंक अकाउंट जोड़ सकते हैं।

“Account not found/disabled” आए तो नीचे “ट्रबलशूटिंग” देखें।

बैंक अकाउंट में NPCI/UPI लिंक कैसे चेक करें?

विकल्प A: UPI ऐप से

1. UPI ऐप → Profile / Bank accounts / Manage accounts।

2. संबंधित बैंक पर टैप करें → Status/Active/Primary दिखेगा।

3. “Remove/Unlink” या “Set as primary” यहीं से कर सकते हैं (ऐप के अनुसार नाम अलग हो सकता है)।

विकल्प B: बैंक/नेटबैंकिंग से

1. लॉग-इन → UPI/Third-party apps / Linked accounts सेक्शन देखें।

2. यहां UPI मैन्डेट्स/लिंक्ड हैंडल्स/डिवाइस दिखते हैं—अनधिकृत एंट्री हटाएँ।

आधार को बैंक अकाउंट से कैसे लिंक करें? (Aadhaar Seeding)

> लक्ष्य: DBT/सब्सिडी पाने के लिए आपका Aadhaar ↔ बैंक सीड हो और NPCI में मैप हो।

ऑनलाइन तरीके

नेट/मोबाइल बैंकिंग: लॉग-इन → Aadhaar seeding/Link Aadhaar → आधार नंबर डालें → OTP/डॉक्यूमेंट कन्फ़र्म → ट्रैकिंग/रेफ़रेंस ID सेव करें।

बैंक का आधार पोर्टल/ऐप: बैंक के ऑफ़िशियल पोर्टल पर वही प्रक्रिया।

UIDAI से स्टेटस चेक: UIDAI पर Aadhaar-Bank Seeding Status देखकर देखें कि कौन-सा बैंक मैप्ड है।

ऑफ़लाइन तरीके

ब्रांच: फॉर्म भरें + आधार की कॉपी दें → रिसीविंग स्लिप लें।

ATM/किओस्क (जहाँ उपलब्ध): “Aadhaar Seeding” → आधार नंबर/OTP → रसीद लें।

समय व टिप्स

प्रोसेस आमतौर पर 24–72 घंटे; कभी-कभी 7 दिन।

DBT के लिए एक बैंक को “Primary” के रूप में NPCI में मैप होना चाहिए। बैंक बदलें तो नई मैपिंग करा दें।

DBT लिंक/स्टेटस कैसे चेक करें?

1. बैंक/ब्रांच/कस्टमर केयर से पूछें: “मेरी Aadhaar-NPCI DBT mapping किस बैंक में है?”

2. कुछ बैंकों की ऐप/नेटबैंकिंग में “DBT/Aadhaar Status” दिखता है।

3. सरकारी पोर्टल (जैसे PFMS/DBT सेवाएँ) पर “Know your payments/Bank seeding status” विकल्प से आधार/खाता विवरण डालकर स्टेटस देख सकते हैं।

4. DM/जिला ई-मित्र/CSC पर भी स्टेटस चेक की सुविधा मिलती है।

> ध्यान दें: USSD/शॉर्ट-कोड अलग-अलग ऑपरेटर/बैंक में बदल सकते हैं—हमीशा अपने बैंक/ऐप के अंदर दिए गए USSD निर्देश ही फॉलो करें।

मोबाइल नंबर को बैंक अकाउंट से कैसे लिंक/अपडेट करें?

1. नया अकाउंट खोलते समय

जब आप बैंक अकाउंट खोलते हैं, तब मोबाइल नंबर को KYC डॉक्यूमेंट्स के साथ दर्ज करवा सकते हैं।

बैंक उसी समय आपका नंबर सिस्टम में रजिस्टर कर देता है।

2. अगर मोबाइल नंबर लिंक नहीं है (पुराना अकाउंट)

1. बैंक ब्रांच जाएँ

अपनी बैंक शाखा में जाकर मोबाइल नंबर अपडेट करने का फॉर्म भरें।

साथ में आधार कार्ड/पैन कार्ड की कॉपी देना पड़ सकता है।

2. रिक्वेस्ट फॉर्म जमा करें

अपडेट/चेंज रिक्वेस्ट फॉर्म भरकर बैंक अधिकारी को दें।

आपका नंबर 2-3 कार्यदिवस में अपडेट हो जाएगा।

3. कन्फर्मेशन SMS

नया मोबाइल नंबर लिंक होने के बाद आपके नए नंबर पर बैंक की तरफ से SMS आ जाएगा।


3. ATM के ज़रिए (कुछ बैंकों में सुविधा)

ATM मशीन पर जाएँ और कार्ड स्वाइप करें।

“Register/Update Mobile Number” का विकल्प चुनें।

पुराना और नया दोनों नंबर दर्ज करें।

बैंक वेरिफिकेशन के बाद नया नंबर एक्टिवेट हो जाएगा।

4. Net Banking/Mobile Banking के ज़रिए

कुछ बैंक (जैसे SBI, HDFC, ICICI) आपको नेट बैंकिंग या मोबाइल ऐप से मोबाइल नंबर बदलने की सुविधा देते हैं।

लॉगिन करें → प्रोफ़ाइल/सेटिंग्स में जाएँ → “Update Mobile Number” चुनें।

OTP और KYC वेरिफिकेशन के बाद नंबर अपडेट हो जाएगा।

5. SMS/IVR के ज़रिए (सीमित बैंकों में)

कुछ बैंकों में SMS या IVR कॉल के माध्यम से भी मोबाइल नंबर रजिस्टर/अपडेट करने की सुविधा होती है।

उदाहरण: रजिस्टर्ड नंबर से SMS भेजना, फिर OTP और ब्रांच विजिट के बाद अपडेट होना।

जरूरी बातें

मोबाइल नंबर बदलते समय हमेशा KYC डॉक्यूमेंट्स (आधार/पैन) साथ रखें।

अपडेटेड मोबाइल नंबर हमेशा बैंक अकाउंट, UPI और आधार में एक जैसा होना चाहिए।

नया नंबर अपडेट होने के बाद पुराना नंबर बैंकिंग सर्विस के लिए काम नहीं करेगा।

इस प्रोसेस से आप आसानी से अपना मोबाइल नंबर बैंक अकाउंट से लिंक या अपडेट कर सकते हैं और सभी डिजिटल पेमेंट सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

> UPI चलाने के लिए वही नंबर ज़रूरी है जो बैंक में रजिस्टर्ड हो, नहीं तो वेरीफ़िकेशन फेल होगा।

7) ट्रबलशूटिंग

“Account not found/Invalid credentials”

मोबाइल नंबर बैंक में रजिस्टर्ड नहीं/पुराना है → पहले नंबर अपडेट करें।

SMS बैलेंस/नेटवर्क चेक करें (UPI वेरीफ़िकेशन SMS जाता है)।

डेबिट कार्ड ब्लॉक/समाप्त → नया कार्ड एक्टिवेट करें, फिर UPI PIN सेट करें।

“Failed bank account list/Account disabled”

बैंक ने NPCI मैपिंग अस्थायी रूप से रोकी है/पुराना VPA कन्फ़्लिक्ट → बैंक सपोर्ट से मैपिंग रीफ़्रेश कराएँ।

बहुत सारे UPI ऐप्स में एक-ही अकाउंट जुड़ा हो तो एक-दो से हटाकर फिर से जोड़ें।

“DBT क्रेडिट नहीं आ रहा”

आधार बैंक में सीड नहीं/Primary बैंक अलग → बैंक से Primary NPCI mapping बदलवाएँ।

नाम/डेट ऑफ़ बर्थ मिसमैच → KYC अपडेट करें।

योजना-स्तर पर स्वीकृति/बेनिफ़िशियरी स्टेटस PFMS/पोर्टल पर देखें।

8) सुरक्षा/प्राइवेसी टिप्स

UPI PIN/OTP किसी से शेयर न करें, स्क्रीन-रिकॉर्डिंग/कॉलर-ID ऐप्स से सावधान।

“Collect request/Payment request” तभी स्वीकारें जब व्यापारी/दोस्त कन्फ़र्म हो।

बैंक/UIDAI/NPCI कभी PIN/OTP नहीं मांगते।

पब्लिक वाई-फाई पर नेटबैंकिंग/UPI सेटअप अवॉइड करें।

लॉस/फ़्रॉड में तुरंत बैंक/UPI-ऐप सपोर्ट + 24×7 हेल्पलाइन (DigiSaathi) को सूचित करें।

9) FAQs

Q1. Which banks support NPCI?
लगभग सभी प्रमुख बैंक NPCI नेटवर्क से जुड़े हैं—UPI/IMPS/BBPS के लिए। अपने बैंक की साइट/ऐप पर सपोर्टेड-सेवाएँ देख लें।

Q2. Aadhaar seeding क्या है?
आधार नंबर को आपके बैंक खाते से जोड़ना ताकि DBT/सब्सिडी सही खाते में आए।

Q3. NPCI और DBT एक ही हैं?
नहीं। NPCI पेमेंट्स नेटवर्क/इंफ्रास्ट्रक्चर है; DBT सरकारी लाभ की भुगतान व्यवस्था है जो NPCI मैपिंग का उपयोग करती है।

Q4. UPI ID ऑनलाइन कैसे वेरिफ़ाई करें?
UPI ऐप में प्रोफ़ाइल/वेरिफ़िकेशन पर जाएँ; सफल लिंकिंग पर “Verified/Active” स्टेटस दिखता है।

Q5. आधार लिंक होने में कितना समय लगता है?
आम तौर पर 24–72 घंटे; बैंक के अनुसार भिन्न।

Q6. एक से ज़्यादा बैंक में आधार सीड हो तो क्या होगा?
NPCI में Primary बैंक सेट होता है; DBT उसी में क्रेडिट होगा। ज़रूरत हो तो बैंक से Primary बदलें।

Q7. बैंक वेरिफ़िकेशन कैसे किया जाता है?
KYC डॉक्यूमेंट्स (Aadhaar/ID/Address) अप-टू-डेट रखें; ऐप/नेटबैंकिंग में “Verify/Confirm” विकल्प पूरा करें।

यह NPCI की ऑफिशल वेबसाइट है👇👇

👉👉 https://www.npci.org.in/

https://en.m.wikipedia.org/wiki/National_Payments_Corporation_of_India

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